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कर्म के उत्सव हैं कृष्ण

कृष्ण  जीवन को  काम की तरह नहीं आनन्द की तरह लेते हैं !काम उत्सव के रंग में  रंग जाता हैं ! कृष्ण अकेले ही एसे हैं जो धर्म की परम गहरा...

बदलनी होगी  संकीर्ण सोच

बदलनी होगी संकीर्ण सोच

बदलनी होगी  संकीर्ण सोच  प्राचीन काल मै एक तरफ नारी को शक्ति और देवी का दर्जा  दिया गया वाही दूसरी और शताब्दियों से नारी अबला के रूप मे...

संयुक्त परिवार की अहमियत को समझे

संयुक्त परिवार की अहमियत को समझे

! सामाजिक ताने बाने में बिखराव और एकल परिवार के कारण उभरी  सामाजिक विक्रतियो  दुनिया के देश अब  संयुक्त परिवार की अहमियत को समझने लगे है !...

नारी चाहे  खुला आँसमा

नारी चाहे खुला आँसमा

नारी चाहे  खुला आँसमा   प्रित्सत्तात्मक  परिवार नारी के लिए चाहे कितने भी अलंकृत शब्दों का प्रयोग करले  पर उनके कृत्यों से साफ़ जाहिर होत...

युवा वर्ग और समाज

युवा वर्ग और समाज

युवा वर्ग और समाज युवा हमारे देश का भविष्य है ! देश की बागडोर आज युवाओ के हाथ मैं है !लेकिन आजकल देकने मैं आ रहा है कि आज के युवा क्रोध...

न्यायपालिका  में  सुधार  हो

न्यायपालिका में सुधार हो

न्यायपालिका  में  सुधार  हो आज हमारी न्याय पालिका की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वो प्रजातंत्र की रक्षा करे !क्यूकि  सरकार अपनी मनमानी कर ...

राह दिखा  गई निर्भया

राह दिखा गई निर्भया

राह दिखा  गई निर्भया दामिनी  हमेशा के लिए सो  गई  लेकिन  वो भारत देश के लोगो को एक राह दिखा गई  ! निर्भया एक वीरांगना थी  ! निर्भया   तो ...

सुरक्षित नहीं  बेटिया

सुरक्षित नहीं बेटिया

आज के माहौल को अगर देखे तो लगता है की हमारी बहन  और बेटिया कहा सुरक्षित रह  गई  है आज  हमे और हमारे समाज को गहराई से इस बात पर चितन करने की...

 बेटियों के प्रति   लापरवाही  क्यों

बेटियों के प्रति लापरवाही क्यों

                    बेटियों के प्रति   लापरवाही  क्यों वर्ष 2012 में दिल्ली  में  हुई  गैंग रैप की   घटना  ने  सभ्य समाज  के  लोगो को सोचने...