मेरी एक कविता पिता पर !!

                           पिता  एक संबल जीवन का  !
पिता जीवन का संबल है शक्ति है  
पिता स्रष्टि की अमूल्य अभिव्यक्ति है !
पिता से घर का अस्तित्व  है पिता के पास होता संयम अपार  है !
मिलती खुशिया अपरम्पार  है
पिता एक वट  वृक्ष है जिसकी शीतल छाया  म़े
मिलता परिवार को सुख अपार है !
  हमारी ख़ुशी के लिया पापा

 अपने सुखो को त्यागते  आप
आज में बड़ी हुई आपके साथ और प्यार से !
आपके दिए हुए संस्कारो से !
पिता से परिवार में प्रतिपल राग हैं
पिता सुरक्षा हैं साया हैं
पिता छोटे से से परिंदे  का बड़ा आसमान है!
आपकी ज्ञान और बुद्धि  ने मुझे रास्ता  दिखाया
सत्य के मार्ग पर चलाना सिखाया
पिता परिवार की शान है अपने आप मे संस्कारो की पूर्ती है
पिता से मिलता साया रौशनी का ,  पिता पर अभिमान है मुझे !
आपको कोटि कोटि नमन !
                                                          BY NEERA JAIN
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3 comments

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dpmathur
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23 May 2013 at 22:37 delete

आपने एक पिता के दिल को जीत लिया है! अति सुन्दर !!!

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Neera Jain
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23 May 2013 at 22:58 delete

thanx a lot dpmathur ji

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