युवा वर्ग और समाज



युवा वर्ग और समाज

युवा हमारे देश का भविष्य है ! देश की बागडोर आज युवाओ के हाथ मैं है !लेकिन आजकल देकने मैं आ रहा है कि आज के युवा क्रोधी अहेंकारी संस्कारविहीन अनुशासनहीन हो गए है !जीवन के प्रति उनका लक्ष्य कुछ नहीं रह गया है !उनके जीवन की कोई दिशा नहीं है !अपने   माता  पिता बुजुर्गो तथा अध्यापक की आज्ञा पालन और अनादर  करने लगे है उनमे अपराधिक प्रवत्ति प्रबल होती जा रही है जिसके कारन वे हत्या , हिंसा , फिरोती आदि की तरफ आकर्षित हो रहे है ! नशे  ,आलस्य झूट  ,कपट आदि के दलदल में फंसे दिखाई दे रहे है ! धर्म कर्म से उनका कोई लेना देना नहीं है ! वो बिना काम के जल्दी जल्दी समृद्ध बनकर एश्वर्यपूर्ण  जीवन व्यतीत करना चाहते है !इसलिए कई बार उनके द्वारा गैंगरैप बनाकर अपराधिक गतिविधियों  द्वारा गैरकानूनी  ढंग से  से  धन कमाने की बात सुनने को मिलती है  ! युवा वर्ग अपने माता पिता की अवेहलना तथा तिरस्कार करते है !  वे उनके अच्छे संस्कार तथा आशीर्वाद के बदले उनकी धन संपत्ति हडपना चाहते है !उनको अपशब्द बोलना उनकी अनदेखी करना तथा मारपीट करके घर से बाहर निकाल देना और फिर उनसे नोकरो की तरह काम करवाना आम बात हो गयी है !युवाओ में  चरित्र नाम की कोई चीज नहीं बची है ! न तो वे अपने माता पिता के प्रति आज्ञाकारी है और न ही श्रावन कुमार की तरह उनमे सेवा  भावना बची हुई है ! हमारे समाज और देश का  सुधार  करना है तो हमारे युवा वर्ग को सोचना पड़ेगा की वो किस दिशा की तरफ जा रहे है !उन्हें माता पिता बुजुर्गो अध्यापको तथा धार्मिक ग्रंथो कि अच्छी बातो का अनुसरण करना होगा  !  युवाओ को सदाचारी  ,आज्ञाकारी सर्वहितकारी , देशभक्त बनना होगा यह जीवन अमूल्य हैं उन्हें एस कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे उनके  माता  पिता या देश को शर्मिंदगी हो हमारे देश में जो राजनेतिक और सामाजिक  समस्याए  है उन्हें हल करने के लिए उन्हें आकार देश की बागडोर संभालनी चाहिए !




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