दीपावली इस बात दीपावली मे कुछ इस तरह मनाए देहरी पर दीप कुछ इ...
नारी मुक्ति
नारी मुक्ति नारी मुक्ति सही मायने मे तब सार्थक होगी जब कन्या कोख मे नहीं मारी जाएगी कम उम्र मे उनकी शादी नहीं की जाएगी नारी क...

कन्या भ्रूण हत्या , बदले सोच
कन्या भ्रूण हत्या , बदले सोच आज हम आये दिन कन्या भ्रूण हत्या के बारे मे रात दिन खबरे पढ़ते और सुनते रहते है ! अहिंसा सब...
कैसा लोकतंत्र
कैसा लोकतंत्र आज हमारा लोकतंत्र मज़ाक बनकर रह गया है !आज आम आदमी बेबस और लाचार ह...
आदमी
आदमी समाज मर्यादाहीन संस्कार लुप्त न ही श्रद्धा , स्नेह वात्सल्य . प्रेम सारे मूल...

महिला उत्पीडन
महिला उत्पीडन आज महिलाओ की ये हालत हो गई है की वो घर या बाहर कही भी सुरक्षित नहीं रह गयी ! खुली आँखों से भविष्य के सपन...
कलियुग
कलियुग कलियुग है यह ...
संवेदनशीलता
संवेदनशीलता वो संवेदनशीलता ही है जो हमे पशुओं से अलग रखती है ! यह सोच समझकर सच के पक्...
खुद पर भरोसा
खुद पर भरोसा चाहे जितना कठिन वक्त आए, खुद की क्षमताओं को नजरअंदाज मत कीजिए। यकीन मानिए, कठिन ...

स्त्री मेरी एक कविता
स्त्री मेरी एक कविता नारी क्या है दैवी है शक्ति है सबला है सौं...
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